वर्तमान में प्रवृत्ति

रक्षा बंधन कब से और क्यों मनाया जाता है। Raksha bandhan kab se aur kyon…

9 Aug 2021 लेखक वेदास! vedashindi 399

9 Aug 2021 लेखक वेदास! vedashindi 399

हिंदू धर्म में रक्षाबंधन(Raksha Bandhan) का त्योहार काफी धूमधाम से मनाया जाता है। जो भारत के कई हिस्सों में मनाया जाता है. भारत के अलावा भी विश्व भर में जहाँ पर हिन्दू धर्मं के लोग रहते हैं, वहाँ इस पर्व को भाई बहनों के बीच मनाया जाता है. इस त्यौहार का आध्यात्मिक महत्व के साथ साथ ऐतिहासिक महत्त्व भी है. इसे मनाने के पीछे कई सारी कहानियां छुपी हुई हैं।

भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा। Bhagavan Shri Jagnnath Ji Ki Rath Ya…

20 Jul 2021 लेखक वेदास! vedashindi 1417

20 Jul 2021 लेखक वेदास! vedashindi 1417

पूर्व भारतीय उड़ीसा राज्य का पुरी क्षेत्र जिसे पुरुषोत्तम पुरी, शंख क्षेत्र, श्रीक्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है, भगवान श्री जगन्नाथ जी की मुख्य लीला-भूमि है। उत्कल प्रदेश के प्रधान देवता श्री जगन्नाथ जी ही माने जाते हैं। यहाँ के वैष्णव धर्म की मान्यता है कि राधा और श्रीकृष्ण की युगल मूर्ति के प्रतीक स्वयं श्री जगन्नाथ जी हैं।

मृत्यु साक्षात देखने वाला अंतिम और अटल सत्य है एवं इसका स्वागत कैसे करें।

17 Sep 2020 लेखक राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ ! vedashindi 412

17 Sep 2020 लेखक राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ (रामानन्द दास)! vedashindi 412

मृत्यु अटल सत्य है, इस भौतिक जगत में जो कोई भी पैदा हुआ है उसको एक ना एक दिन काल के ग्रास में जाना ही जाना है। किंतु ईश्वर की सबसे बड़ी माया ये है कि हम दूसरों की मृत्यु को तो देखते है लेकिन फिर सोचते है कि अभी हमारी मृत्यु नही होगी। दुर्भाग्य की बात ये है कि हम सब कभी भी अपनी मृत्यु की तैयारी नही करते हैं।

अधिकमास के बारे में संक्षिप्त जानकारी

17 Sep 2020 लेखक राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ ! vedashindi 173

17 Sep 2020 लेखक राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ (रामानन्द दास)! vedashindi 173

आमतौर पर अधिकमास में श्रद्धालु व्रत- उपवास, पूजा- पाठ, ध्यान, भजन, कीर्तन, मनन को अपनी जीवनचर्या बनाते हैं। पौराणिक सिद्धांतों के अनुसार इस मास के दौरान यज्ञ- हवन के अलावा श्रीमद् भागवत पुराण, श्री विष्णु पुराण, भविष्योत्तर पुराण आदि का श्रवण, पठन, मनन विशेष रूप से फलदायी होता है। अधिकमास के अधिष्ठाता भगवान विष्णु हैं, इसीलिए इस पूरे समय में विष्णु मंत्रों का जाप विशेष लाभकारी होता है। ऐसा माना जाता है कि अधिक मास में विष्णु मंत्र का जाप करने वाले साधकों को भगवान विष्णु स्वयं आशीर्वाद देते हैं, उनके पापों का शमन करते हैं और उनकी समस्त इच्छाएं पूरी करते हैं।

पाप का गुरु कौन । Paap ka guru kon

17 Sep 2020 लेखक राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ ! vedashindi 402

17 Sep 2020 लेखक राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ (रामानन्द दास)! vedashindi 402

एक ब्रह्मचारी ब्राह्मण पुत्र कई वर्षों तक काशी में शास्त्रों का अध्ययन करने के बाद अपने गांव लौट रहे थे। तभी उनको प्यास लगी थीं और प्यास के कारण वो एक कुएँ पर गए। वहाँ गांव की एक सभ्य महिला ने पानी पिलाया और पूछा कि कहाँ से आ रहे और कहाँ जा रहे हो?

हमारे शरीर के अंग कब डरते हैं और हमें पता भी नहीं चलता है?

17 Sep 2020 लेखक राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ ! vedashindi 119

17 Sep 2020 लेखक राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ (रामानन्द दास)! vedashindi 119

अपने शरीर के हर हिस्से का ख्याल रखें। ये बात याद रखें यह शरीर के अंग बाज़ार में उपलब्ध नहीं है। मनुष्य जीवन बहुत ही बहुमूल्य है और यह शरीर भगवद्भक्ति के लिए मिला है इसका सदुपयोग करके जीवन को सफल बनाए। 

गोबरैला से सीख। Gobaraila se sikh

17 Sep 2020 लेखक राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ ! vedashindi 1647

17 Sep 2020 लेखक राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ (रामानन्द दास)! vedashindi 1647

गोबर में एक कीड़ा पाया जाता है, जिसे गोबरैला कहते हैं। उसे ताजे गोबर की गन्ध बहुत भाती है! और वह सुबह से गोबर की तलाश में लगा रहता है और सारा दिन उसे जहां कहीं गोबर मिल जाता है, वहीं उसका गोला बनाना शुरू कर देता है। शाम तक वह एक बड़ा सा गोला बना लेता है।

श्री चैतन्य महाप्रभु का संन्यास

14 Jan 2020 लेखक राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ ! vedashindi 2172

14 Jan 2020 लेखक राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ (रामानन्द दास)! vedashindi 2172

मकर संक्रांति गौड़ीय वैष्णवों के लिए यह दिन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हम सभी को भवसागर से पार कराने के लिए अवतरित हुए दया के सागर श्री चैतन्य महाप्रभु ने आज से ५१० वर्ष पूर्व, सन १५१० में, श्रील केशव भारती द्वारा कटवा नामक स्थान पर सन्यास ग्रहण किया था।