हमारे शरीर के अंग कब डरते हैं और हमें पता भी नहीं चलता है?

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राजेश पाण्डेय, पीएच॰डी॰ !
17 Sep 2020

हमारे शरीर के अंग कब डरते हैं और हमें पता भी नहीं चलता है?

 

1. पेट (Stomach): उस वक्त डरा होता है जब आप सुबह का नाश्ता नहीं करते।

2. गुर्दे (Kidneys): उस वक्त खौफ मे होते हैं जब आप 24 घंटे में 10 गिलास पानी नहीं पीते। 

3. पित्ता (Gallbladder): उस वक्त परेशान होता है जब आप रात 11:00 बजे तक सोते नहीं और सूरज उगने से पहले जागते नहीं हैं।

4. छोटी आंत (small intestine):  उस वक्त तकलीफ महसूस करती है जब आप ठंडी चीजें पीते हैं और बासी खाना खाते हैं।

5. बड़ी आंत (Large intestine): में उस वक्त ज्यादा तकलीफ होती है जब आप तली हुई या मसालेदार चीज खाते हैं। 

6. फेफड़े (Lungs): उस वक्त बहुत तकलीफ महसूस करते हैं जब आप धुआं धूल सिगरेट बीड़ी से भरपूर हवा में सांस लेते हैं।

7 . कलेजा (Liver): उस वक्त बीमार होता है जब आप बहुत तली हुई खुराक और फास्ट फूड खाते हैं।

8. हृदय (Heart): उस वक्त बहुत गमगीन होता है जब आप ज्यादा नमकीन और कोलेस्ट्रोल वाली चीजें खाते हैं।

9. अग्न्याशय (Pancreas):  उस वक्त बहुत डरता है जब आप बहुत ज्यादा मिठाई खाते हैं और खासकर जब वह फ्री में मिल रही हो। 

10. आंखें (Eyes): उस वक्त तंग आ जाती है जब आप अंधेरे में मोबाइल और कंप्यूटर पर उनकी तेज रोशनी में काम करते हैं। 

11. मस्तिष्क (Brain): उस वक्त बहुत दुखी होता है जब आप नेगेटिव सोचते हैं। 

अपने शरीर के हर हिस्से का ख्याल रखें। ये बात याद रखें यह शरीर के अंग बाज़ार में उपलब्ध नहीं है। मनुष्य जीवन बहुत ही बहुमूल्य है और यह शरीर भगवद्भक्ति के लिए मिला है इसका सदुपयोग करके जीवन को सफल बनाए। 

क्या आप इस संदेश को आगे प्रेषित करना नहीं चाहेंगे ताकि अन्य लोग भी लाभ उठा सकें?

 

हमें हमेशा ही भगवान के नाम धाम रूप गुण तथा लीलाओं की महिमा का श्रवण, कीर्तन और स्मरण करना चाहिये। “परम विजयते श्रीकृष्ण संकीर्तनम” कलियुग में यह संकीर्तन आंदोलन (भगवान के नाम का जप और कीर्तन) मानवता के लिए परम वरदान है। इसीलिए सदा ही भगवान के नाम का जप करिए और ख़ुश रहिए।

 

हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। 

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।। 😇🙏😇

हरे कृष्ण

रामानन्द दास

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